दहेज मुक्त
विवाह अभियान
दहेज मुक्त विवाह ही सच्चा सामाजिक सम्मान और समानता का प्रतीक है।
दहेज प्रथा समाज की सबसे बड़ी सामाजिक कुरीतियों में से एक है। इसके कारण अनेक परिवार आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।
सात्विक कन्या विवाह फाउंडेशन दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर अभियान चलाता है। संस्था का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि सम्मानजनक एवं दहेज मुक्त समाज का निर्माण करना है।
हमारा उद्देश्य
- दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देना
- गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करना
- बेटी और बहू को सम्मान दिलाना
- सामाजिक समानता एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना
- दहेज प्रथा के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाना
हमारी कार्यप्रणाली
- पंचायत प्रतिनिधियों से बैठक
- मुखिया एवं वार्ड सदस्यों को सूचना पत्र
- परिवार परामर्श कार्यक्रम
- दहेज मुक्त विवाह शपथ अभियान
- विवाह पूर्व सत्यापन प्रक्रिया
- सामूहिक जनजागरूकता कार्यक्रम
दहेज मुक्त शपथ पत्र
सात्विक कन्या विवाह फाउंडेशन के अंतर्गत शपथ लिया जाता है कि मैं समाज की इस कुप्रथा को समाप्त करने में सहभागिता प्रदान करूँगा।
दहेज मुक्त शपथ
“मैं न दहेज लूँगा, न दहेज दूँगा और न किसी को दहेज लेने या देने के लिए प्रेरित करूँगा।”
“मैं सम्मान, संस्कार और समानता पर आधारित विवाह का समर्थन करता हूँ।”
विवाह सहयोग योजना से संबंध
विवाह सहयोग योजना में शामिल होने के लिए दहेज मुक्त शपथ पत्र अनिवार्य है।
विवाह आवेदन के समय विवाह कार्ड जमा करना होगा।
विवाह सत्यापन के दौरान दहेज मुक्त विवाह की पुष्टि की जाएगी।
केवल पात्र एवं सत्यापित मामलों को विवाह सहयोग सूची में शामिल किया जाएगा।
हमारी उपलब्धियाँ
परिवारों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया
दहेज मुक्त विवाहों को सामाजिक समर्थन प्रदान किया गया
पंचायत स्तर पर जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया
विवाह पूर्व विदाई समारोहों के माध्यम से संदेश दिया गया
सात्विक कन्या विवाह फाउंडेशन समय-समय पर 101, 121 एवं 151 कन्याओं के लिए विवाह पूर्व विदाई समारोह आयोजित करता है।
- दहेज मुक्त विवाह का संदेश
- बेटी सम्मान अभियान
- सामाजिक जागरूकता
- जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
- परिवारों को प्रेरित करने वाले संदेश
- आर्थिक बोझ बढ़ता है
- गरीब परिवार कर्ज में डूब जाते हैं
- बेटियों को बोझ समझा जाता है
- सामाजिक असमानता बढ़ती है
- परिवारिक विवाद उत्पन्न होते हैं
- दहेज नहीं, बेटी का सम्मान करें।
- बेटी बोझ नहीं, परिवार का गौरव है।
- दहेज मुक्त विवाह ही सच्चा सामाजिक सुधार है।
हम सभी अभिभावकों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और समाज के जागरूक नागरिकों से अपील करते हैं कि दहेज प्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें। आइए मिलकर ऐसा समाज बनाएं जहाँ विवाह सम्मान, संस्कार और समानता के आधार पर हो, न कि दहेज के आधार पर।
सात्विक कन्या विवाह फाउंडेशन की प्रतिज्ञा
हम दहेज मुक्त, बाल विवाह मुक्त और सम्मानजनक समाज के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करते रहेंगे।